सरकार की हीथ्रो हवाई अड्डे के विस्तार योजना पर जलवायु परिवर्तन समिति ने चेतावनी दी है कि अतिरिक्त रनवे और टर्मिनल से कार्बन बजट टूटेगा, जिससे 2050 तक नेट‑ज़ीरो लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।

सरकार द्वारा प्रस्तावित हीथ्रो हवाई अड्डे के विस्तार—तीसरा रनवे और अतिरिक्त टर्मिनल—पर जलवायु परिवर्तन समिति (Climate Change Committee, CCC) ने चेतावनी दी है कि यह योजना यूके के स्थापित कार्बन बजट को तोड़ देगी और 2050 तक नेट‑ज़ीरो लक्ष्य को हासिल करना असंभव बना सकती है।
कार्बन बजट का उल्लंघन
CCC के अनुसार, वर्तमान नीतियों के तहत हीथ्रो का विस्तार करने से वार्षिक कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जो देश के चार निर्धारित कार्बन बजट को पार कर देगा। यह बजट सरकार को हर पाँच‑साल के अंतराल में उत्सर्जन को सीमित करने के लिए स्थापित किया गया था, और इसे तोड़ना राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्य के खिलाफ सीधे है।
एयरलाइन को CO2 हटाने के खर्च का भार
समिति ने सुझाव दिया कि यदि हीथ्रो का विस्तार किया ही जाता है, तो उसे केवल अनुमति देना पर्याप्त नहीं है। इसके बजाय, हवाई उद्योग—विशेषकर एयरलाइन—को अतिरिक्त उत्सर्जन को संतुलित करने हेतु कार्बन डाइऑक्साइड हटाने के खर्च को वहन करना चाहिए। यह उपाय हीथ्रो के विस्तार को आर्थिक रूप से संभव बनाते हुए पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका माना गया है।
नेट‑ज़ीरो 2050 के लिए चुनौती
नेट‑ज़ीरो लक्ष्य यूके की सबसे महत्वाकांक्षी जलवायु नीति है, जिसके तहत 2050 तक सभी मानव‑जनित ग्रीनहाउस गैसें शून्य होनी चाहिए। हीथ्रो के बड़े पैमाने के विस्तार से उत्पन्न अतिरिक्त उत्सर्जन को बिना संतुलन उपायों के स्वीकार करना इस लक्ष्य को गंभीर रूप से कमजोर कर देगा।
CCC ने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी बड़े बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्ट को अनुमोदित करने से पहले उसके पर्यावरणीय प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन होना चाहिए, और यदि वह कार्बन बजट के भीतर फिट नहीं बैठता तो उसे रोकना चाहिए। इस संदर्भ में, एयरलाइन को CO2 हटाने के खर्च का भुगतान करने का प्रस्ताव एक शर्त के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे हीथ्रो विस्तार को मौजूदा जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ संरेखित किया जा सके।
आगे की नीति चर्चा में यह स्पष्ट होगा कि क्या सरकार हीथ्रो के विस्तार को अनुमोदित करते समय इस शर्त को लागू करेगी, या फिर वैकल्पिक समाधान खोजेगी जो कार्बन बजट को सुरक्षित रखे।
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