इंग्लैंड में लागू किए जा रहे नए स्कूल भोजन मानकों में तले हुए (डीप‑फ्राइड) खाद्य पदार्थों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के बजाय हफ़्ते में एक बार तक सीमित किया गया है। इस बदलाव को शिक्षा सचिव ने "एक पीढ़ी में एक बार आने वाले" परिवर्तन कहा।
नियमों का मुख्य बिंदु
नए मानक स्कूल कैंटीन में उपलब्ध भोजन को अधिक पौष्टिक बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- डिप‑फ्राइड स्नैक्स (जैसे चिप्स, पकोड़े) को हफ़्ते में अधिकतम एक बार परोसा जा सकता है।
- बच्चों को फल, सब्जी और साबुत अनाज वाले विकल्पों की पेशकश अनिवार्य की गई है।
- पेय पदार्थों में शुगर की मात्रा को 5 % से कम रखने की आवश्यकता है।
- भोजन की तैयारी में बेकिंग, ग्रिलिंग या स्टीमिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा सचिव का बयान
शिक्षा सचिव ने कहा: "ये एक पीढ़ी में एक बार आने वाले बदलाव हैं, जो हमारे बच्चों के भविष्य को स्वस्थ बनाने के लिए आवश्यक हैं।" इस बयान को आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में उद्धृत किया गया है।
स्कूलों की प्रतिक्रिया
कई स्कूल प्रशासन ने बताया कि नई सीमाएँ लागू करने में प्रारंभिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन वे इस दिशा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। कुछ स्कूलों ने पहले ही मेन्यू में बेक्ड विकल्प जोड़कर छात्रों की प्रतिक्रिया मापी है।
अभिभावकों और विशेषज्ञों की राय
पोषण विशेषज्ञों ने कहा कि डीप‑फ्राइड खाद्य पदार्थों को सीमित करना बच्चों में मोटापे और हृदय रोग के जोखिम को घटा सकता है, बशर्ते कि कुल कैलोरी और पोषक तत्वों का संतुलन बना रहे। अभिभावकों ने भी अधिक संतुलित भोजन की मांग को समर्थन दिया है, जबकि कुछ ने कहा कि विकल्पों की विविधता बनाए रखना आवश्यक है।
नए मानकों का पूरा प्रभाव आने वाले शैक्षणिक वर्ष में स्पष्ट होगा, जब सभी स्कूलों को इन दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। यह कदम इंग्लैंड के स्कूल भोजन को विश्व स्तर पर अधिक स्वस्थ मानकों के साथ संरेखित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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